🌞 ~ *आज का पंचांग* ~ 🌞
⛅ *दिनांक 19 नवम्बर 2017*
⛅ *दिन – रविवार*
⛅ *विक्रम संवत – 2074*
⛅ *शक संवत -1939*
⛅ *अयन – दक्षिणायण*
⛅ *ऋतु – हेमंत*
⛅ *मास – मार्गशीष*
⛅ *पक्ष – शुक्ल*
⛅ *तिथि – प्रतिपदा शाम 07:14 तक तत्पश्चात द्वितीया*
⛅ *नक्षत्र – अनुराधा रात्रि 09:58 तक तत्पश्चात ज्येष्ठा*
⛅ *योग – अतिगण्ड रात्रि 09:48 तक तत्पश्चात सुकर्मा*
⛅ *राहुकाल – शाम 04:30 से शाम 05:52 तक*
⛅ *सूर्योदय – 06:51*
⛅ *सूर्यास्त – 17:55*
⛅ *दिशाशूल – पश्चिम दिशा में*
 ⛅ *व्रत पर्व विवरण*
💥 *विशेष – प्रतिपदा को कूष्माण्ड(कुम्हड़ा, पेठा) न खाये, क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *रविवार के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
💥 *रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75.90)*
💥 *रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75)*
💥 *स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए। इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं।*
           🌞 *~ आज का पंचांग ~* 🌞
🌷 *पितृ दोष हो तो* 🌷
👳🏼 *जो लोग पितृ दोष से पीड़ित हैं उनके लिए लिंग पुराण में बताया कि मार्गशीर्ष मास शुक्ल द्वितीया ( जो इस साल 19 नवम्बर 2017 रविवार को शाम 07:15 से 20 नवम्बर 2017 सोमवार को रात्रि 09:36 तक) पितृ पूजन का विधान है …. पितृ के लिए गीता का ७ वां अध्याय पढ़ें …लोटा जल भर के रखें …. पाठ हो जाए तो सूर्य नारायण को वो जल चढा दें और बोलें — हमारे घर में जो कोई पहले गुजर गए हैं उनके लिए हम आज का गीता पाठ का पुण्य अर्पण करते हैं …. उनकी सदगति हो ….दिव्य गति हो ….और हमारे घर में सुख शांति बढ़े ।*
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           🌞 *~ आज का पंचांग ~* 🌞
🌷 *नारी कल्याण पाक* 🌷
👩🏻 *यह पाक युवतियों, गर्भिणी, नवप्रसूता माताएँ तथा महिलाएँ – सभी के लिए लाभदायी है |*
➡ *लाभ : यह बल व रक्तवर्धक, प्रजनन – अंगों को सशक्त बनानेवाला, गर्भपोषक, गर्भस्थापक (गर्भ को स्थिर – पुष्ट करनेवाला), श्रमहारक (श्रम से होनेवाली थकावट को मिटानेवाला) व उत्तम पित्तनाशक है | एक – दो माह तक इसका सेवन करने से श्वेतप्रदर (ल्यूकोरिया, अत्यधिक मासिक रक्तस्राव व उसके कारण होनेवाले कमरदर्द, रक्त की कमी, कमजोरी , निस्तेजता आदि दूर होकर शक्ति व स्फूर्ति आती है | जिन माताओं को बार-बार गर्भपात होता हो उनके लिए यह विशेष हितकर है | सगर्भावस्था में छठे महीने से पाक का सेवन शुरू करने से बालक हृष्ट-पुष्ट होता है, दूध भी खुलकर आटा है |*
💪🏻 *धातु की दुर्बलता में पुरुष भी इसका उपयोग कर सकते है |*
👉🏻 *सामग्री : सिंघाड़े का आटा, गेंहू का आटा व देशी घी प्रत्येक २५० ग्राम, खजूर १०० ग्राम, बबूल का पिसा हुआ गोंद १०० ग्राम, पिसी मिश्री ५०० ग्राम |*
➡ *विधि : घी को गर्म कर गोंद को घी में भुन लें | फिर उसमें सिंघाड़े व गेंहू का आटा मिलाकर धीमी आँच पर सेंके | जब मंद सुगंध आने लगे तब पिसा हुआ खजूर व मिश्री मिला दे | पाक बनने पर थाली में फैलाकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर रखें |*
🍜 *सेवन-विधि : २ टुकड़े ( लगभग २० ग्राम ) सुबह शाम खायें | ऊपर से दूध पी सकते हैं |*
💥 *सावधानी : खट्टे, मिर्च-मसालेदार व तेल में तले हुए तथा ब्रेड-बिस्कुट आदि बासी पदार्थ न खाये |*
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             🌞 *~ आज का पंचांग ~* 🌞
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