Today Panchang,December 23, 2017 – Pandit Anand Sharma

Today Panchang,December 23, 2017 – Pandit Anand Sharma

🌞 ~ *Today Panchang*  ~ 🌞
⛅ *दिनांक 23 दिसम्बर 2017*
⛅ *दिन – शनिवार*
⛅ *विक्रम संवत – 2074*
⛅ *शक संवत -1939*
⛅ *अयन – दक्षिणायण*
⛅ *ऋतु – शिशिर*
⛅ *मास – पौष*
⛅ *पक्ष – शुक्ल*
⛅ *तिथि – पंचमी रात्रि 12:24 तक तत्पश्चात षष्ठी*
⛅ *नक्षत्र – धनिष्ठा शाम 09:43 तक तत्पश्चात शतभिषा*
⛅ *योग – वज्र पूर्ण रात्रि तक*
⛅ *राहुकाल – सुबह 09:57 से सुबह 11:17 तक*
⛅ *सूर्योदय – 07:13*
⛅ *सूर्यास्त – 18:02*
⛅ *दिशाशूल – पूर्व दिशा में*
 ⛅ *व्रत पर्व विवरण*
💥 *विशेष – पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *ब्रह्म पुराण’ के 118 वें अध्याय में शनिदेव कहते हैं- ‘मेरे दिन अर्थात् शनिवार को जो मनुष्य नियमित रूप से पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उनके सब कार्य सिद्ध होंगे तथा मुझसे उनको कोई पीड़ा नहीं होगी। जो शनिवार को प्रातःकाल उठकर पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उन्हें ग्रहजन्य पीड़ा नहीं होगी।’ (ब्रह्म पुराण’)*
💥 *शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष का दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए ‘ॐ नमः शिवाय।’ का 108 बार जप करने से दुःख, कठिनाई एवं ग्रहदोषों का प्रभाव शांत हो जाता है। (ब्रह्म पुराण’)*
💥 *हर शनिवार को पीपल की जड़ में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है ।(पद्म पुराण)*
💥 *नौकरी – व्यवसाय में सफलता, आर्थिक समृद्धि एवं कर्ज मुक्ति हेतु कारगर प्रयोग शनिवार के दिन पीपल में दूध, गुड, पानी मिलाकर चढायें एवं प्रार्थना करें – ‘हे प्रभु ! आपने गीता में कहा है कि वृक्षों में पीपल मैं  हूँ । हे भगवान ! मेरे जीवन में यह परेशानी है । आप कृपा करके मेरी यह परेशानी (परेशानी, दुःख का नाम लेकर ) दूर करने की कृपा करें । पीपल का स्पर्श करें व प्रदक्षिणा करें ।*
               🌞 *~ Today Panchang~* 🌞
🌷 *तुलसी पूजन विधि व तुलसी – नामाष्टक* 🌷
🌿 *तुलसी पूजन विधि* 🌿
🙏🏻 *२५ दिसम्बर को सुबह स्नानादि के बाद घर के स्वच्छ स्थान पर तुलसी के गमले को जमीन से कुछ ऊँचे स्थान पर रखें | उसमें यह मंत्र बोलते हुए जल चढायें :*
🌷  *महाप्रसाद जननी सर्वसौभाग्यवर्धिनी*
*आधि व्याधि हरा नित्यम् तुलसी त्वाम् नमोस्तुते*
🌿 *फिर ‘तुलस्यै नम:’ मंत्र बोलते हुए तिलक करें, अक्षत (चावल) व पुष्प अर्पित करें तथा वस्त्र व कुछ प्रसाद चढायें | दीपक जलाकर आरती करें और तुलसीजी की ७, ११, २१,५१ व १०८ परिक्रमा करें | उस शुद्ध वातावरण में शांत हो के भगवत्प्रार्थना एवं भगवन्नाम या गुरुमंत्र का जप करें | तुलसी के पास बैठकर प्राणायाम करने से बल, बुद्धि और ओज की वृद्धि होती है |*
🌿 *तुलसी – पत्ते डालकर प्रसाद वितरित करें | तुलसी के समीप रात्रि १२ बजे तक जागरण कर भजन, कीर्तन, सत्संग-श्रवण व जप करके भगवद-विश्रांति पायें | तुलसी – नामाष्टक का पाठ भी पुण्यदायक है | तुलसी – पूजन अपने नजदीकी आश्रम या तुलसी वन में अथवा यथा–अनुकूल किसी भी पवित्र स्थान में कर सकते हैं |*
🌷 *तुलसी – नामाष्टक* 🌷
*वृन्दां वृन्दावनीं विश्वपावनी विश्वपूजिताम् |*
*पुष्पसारां नन्दिनी च तुलसी कृष्णजीवनीम् ||*
*एतन्नामाष्टकं चैतत्स्तोत्रं नामार्थसंयुतम् |*
*य: पठेत्तां च संपूज्य सोऽश्वमेधफलं लभेत् ||*
🌿 *भगवान नारायण देवर्षि नारदजी से कहते हैं : “वृन्दा, वृन्दावनी, विश्वपावनी, विश्वपूजिता, पुष्पसारा, नंदिनी, तुलसी और कृष्णजीवनी – ये तुलसी देवी के आठ नाम हैं | यह सार्थक नामावली स्तोत्र के रूप में परिणत है |*
🌿 *जो पुरुष तुलसी की पूजा करके इस नामाष्टक का पाठ करता है, उसे अश्वमेध यज्ञ का फल प्राप्त होता है | ( ब्रह्मवैवर्त पुराण, प्रकृति खण्ड :२२.३२-३३)*
             🌞 *~ Today panchang ~* 🌞
Today Panchang 13 दिसम्बर 2017

Today Panchang 13 दिसम्बर 2017

🌞 ~ *Today Panchang* ~ 🌞
⛅ *दिनांक 13 दिसम्बर 2017*
⛅ *दिन – बुधवार*
⛅ *विक्रम संवत – 2074*
⛅ *शक संवत -1939*
⛅ *अयन – दक्षिणायण*
⛅ *ऋतु – हेमंत*
⛅ *गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार मास – मार्गशीर्ष*
⛅ *मास – पौष*
⛅ *पक्ष – कृष्ण*
⛅ *तिथि – एकादशी रात्रि 03:25 तक तत्पश्चात द्वादशी*
⛅ *नक्षत्र – चित्रा रात्रि 08:59 तक तत्पश्चात स्वाती*
⛅ *योग – शोभन रात्रि 01:07 तत्पश्चात अतिगण्ड*
⛅ *राहुकाल – दोपहर 12:32 से दोपहर 01:53 तक*
⛅ *सूर्योदय – 07:08*
⛅ *सूर्यास्त – 17:57*
⛅ *दिशाशूल – उत्तर दिशा में*
 ⛅ *व्रत पर्व विवरण – सफला एकादशी*
💥 *विशेष* – *हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है lराम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।*
💥 *आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l*
💥 *एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।*
💥 *एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।*
💥 *जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।*
               🌞 *~ Today Hindu Panchang~* 🌞
🌷 *कर्ज से मुक्ति* 🌷
💰 *कर्ज से शीघ्र मुक्ति पाने के लिए हर बुधवार के दिन वट वृक्ष के मूल में घी का दीप जला कर रख दें| इससे कर्जे से शीघ्र मुक्ति मिलेगी| और बुधवार के दिन खाने में मूँग या मूँग की दाल लें|*
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                🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🌷 *गाँठे* 🌷
🔶 *शरीर में चर्बी की गाँठे बन गयी हों तो मूली का रस गाँठों पर खूब रगड़े | रस में नींबू व नमक मिलाकर पियें | गाँठे पिघल जायेंगी | मावा, मिठाई व मेवों का सेवन न करें |*
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                 🌞 *~Today Panchang ~* 🌞
🌷 *वास्तु दोष* 🌷
🏡 *जिनके घर का मुख दक्षिण में हो, वे अपने घर के दरवाजे के बाहर एक गमले में आम का पौधा लगायें और गुरुमंत्र का जप करें।*
🙏🏻
               *🌞 ~Today Panchang ~* 🌞
Aaj Ka Panchang 20 नवम्बर, 2017

Aaj Ka Panchang 20 नवम्बर, 2017

🌞 ~ *आज का  पंचांग* ~ 🌞
⛅ *आज का दिनांक 20 नवम्बर 2017*
⛅ *दिन – सोमवार*
⛅ *विक्रम संवत – 2074*
⛅ *शक संवत -1939*
⛅ *अयन – दक्षिणायण*
⛅ *ऋतु – हेमंत*
⛅ *मास – मार्गशीष*
⛅ *पक्ष – शुक्ल*
⛅ *तिथि – द्वितीया रात्रि  09:36 तक तत्पश्चात तृतीया*
⛅ *नक्षत्र – ज्येष्ठा रात्रि 12:48 तक तत्पश्चात मूल*
⛅ *योग – सुकर्मा रात्रि 10:32 तक तत्पश्चात धृति*
⛅ *राहुकाल – सुबह 08:18 से सुबह 09:40 तक*
⛅ *सूर्योदय – 06:53*
⛅ *सूर्यास्त – 17:54*
⛅ *दिशाशूल – पूर्व दिशा में*
 ⛅ *व्रत पर्व विवरण – चन्द्रदर्शन*
💥 *विशेष – द्वितीया को बृहती (छोटा   गन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
           🌞 *~ पंचांग ~* 🌞
🌷 *पेट के रोगों में लाभदायी व बल – वीर्यवर्धक मिश्रण*
👉🏻 *घी में भुनी हुई छोटी हरड का चूर्ण १०० ग्राम, घी में भुनी ५० ग्राम सौंफ व ५० ग्राम कच्ची सौंफ लेकर सभीको मिला लें | अब इसमें ४०० ग्राम बूरा व २०० ग्राम शुद्ध घी मिलायें | इस मिश्रण को काँच के बर्तन में भर लें |*
👉🏻 *२ – २ चम्मच चूर्ण सुबह – शाम गर्म दूध के साथ लें | २ घंटे पूर्व व बाद तक कुछ न खायें | इसे १५ दिन तक लेने से पेट की शुद्धि होती है | पुराने कब्ज में भी लाभ होता है | आँतों को बल मिलता है, जिससे भोजन का सम्यक पाचन होने में मदद मिलती है | यह बल, वीर्य व नेत्रज्योति वर्धक तथा ह्रदय को बल देनेवाला है |*
🙏🏻 *स्त्रोत – लोककल्याण सेतु – नवम्बर २०१६ से*
             🌞 *~ पंचांग ~* 🌞
🌷 *वास्तु शास्त्र* 🌷
🙏🏻 *वास्तु के जरिए अपनी सभी समस्याओं को दूर किया जा सकता हैं फिर चाहे वह निजी जीवन से जुड़ी हों या प्रोफेशन लाइफ से,यहां तक कि वास्तु के जरिए अपने रिश्तों को भी सुधार जा सकता है। अगर आपके घर में आए दिन लड़ाई-झगड़े होते रहते है, या पिता और पुत्र के बीच हमेशा मन-मुटाव बना रहता है तो इन 7 बातों का ध्यान रखने से यह परिस्थिति बदली जा सकती है।*
🏡 *1.घर का ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्वी कोना खंडित होने से पिता-पुत्र में आपसी मामलों को लेकर हमेशा झगड़े होते हैं। इसलिए घर के उत्तर-पूर्वी कोने को हमेशा ठीक रखना चाहिए।*
🏡 *2. घर की उत्तर-पूर्व दिशा में कूड़ेदान बनाने या कूड़ा रखने से भी घर के लोगों में मन-मुटाव और जलन आदि भावना रखते हैं। इस दिशा में कूड़ादान भूलकर भी नहीं रखना चाहिए।*
🏡 *3. इलेक्ट्रॉनिक सामान, ज्वलनशील पदार्थ या गर्मी उत्पन्न करने वाले अन्य उपकरणों को ईशान (उत्तर-पूर्व) में रखने से पुत्र पिता की आज्ञा नहीं मानता है और घर-परिवार को अपमानित करता है। घर की उत्तर-पूर्वी दिशा में इन चीजों को नहीं रखना चाहिए।*
🏡 *4. घर में होने वाले झगड़ों से छुटकारा पाने के लिए घर को साफ रखें। वास्तु की दृष्टि से घर के उत्तर-पूर्व दिशा को साफ-सुथरा रखना बहुत जरुरी माना जाता है। ऐसा करने से घर में सुख-शांति बढ़ती है।*
🏡 *5. उत्तर-पूर्व दिशा में रसोई घर या शौचालय का होना भी घर के लोगों के संबंधों को प्रभावित करता है। साथ ही स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बनी रहती है। घर की उत्तर-पूर्व दिशा में रसोई घर या शौचालय नहीं होना चाहिए।*
🏡 *6. ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में स्टोर रूम, टीले या पर्वत के समान आकृति के निर्माण से भी पिता-पुत्र के संबंधों में परेशानियां आती हैं और दोनों में अविश्वास बना रहता है। घर के उत्तर-पूर्वी कोने में स्टोर रूम आदि नहीं बनवाना चाहिए।*
🏡 *7. यदि कोई प्लाट उत्तर व दक्षिण में संकरा तथा पूर्व व पश्चिम में लंबा है तो ऐसी जगह को सूर्यभेदी कहते हैं, ऐसी जगह पर पिता-पुत्र के संबंधों में अनबन की स्थिति सदैव रहती है। ऐसी जगह पर कभी घर नहीं बनाना चाहिए।*
             🌞 *~ आज का  पंचांग ~* 🌞