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Today Panchang, 21 March, 2018

! Today Panchang, 21 March,2018 !

⛅ *दिन – बुधवार* ⛅ *शक संवत -1940*
⛅ *विक्रम संवत – 2075*
⛅ *अयन – उत्तरायण*
⛅ *ऋतु – वसंत*
⛅ *मास – चैत्र*
⛅ *पक्ष – शुक्ल* ⛅ *राहुकाल – दोपहर 12:45 से दोपहर 02:16 तक*
⛅ *तिथि – चतुर्थी शाम 03:28 तक तत्पश्चात पंचमी*
⛅ *नक्षत्र – भरणी शाम 07:02 तक तत्पश्चात कृत्तिका*
⛅ *योग – वैधृति दोपहर 01:28 तक तत्पश्चात विष्कम्भ*
⛅ *सूर्योदय – 05:43*
⛅ *सूर्यास्त – 06:48*
⛅ *दिशाशूल – उत्तर दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण – विनायक चतुर्थी*
💥 *विशेष – चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

 

🌞 *~ Today Panchang ~* 🌞

🌷 *नवरात्रि की पंचमी तिथि* 🌷
🙏🏻 *22 मार्च 2018 गुरुवार को चैत्र – शुक्ल पक्ष की पंचमी की बड़ी महिमा है। इसको श्री पंचमी भी कहते है। संपत्ति वर्धक है।*
🙏🏻 *इन दिनों में लक्ष्मी पूजा की भी महिमा है। ह्रदय में भक्तिरूपी श्री आये इसलिए ये उपसाना करें। इस पंचमी के दिन हमारी श्री बढे, हमारी गुरु के प्रति भक्तिरूपी श्री बढ़े उसके लिए भी व्रत, उपसाना आदि करना चाहिए। पंचमं स्कंध मातेति। स्कंध माता कार्तिक स्वामी की माँ पार्वतीजी …. उस दिन मंत्र बोलो – ॐ श्री लक्ष्मीये नम:।*

🌷 *चैत्र नवरात्रि* 🌷
🙏🏻 *चैत्र मास की नवरात्रि का आरंभ 18 मार्च,रविवार से हो गया है । नवरात्रि में रोज देवी को अलग-अलग भोग लगाने से तथा बाद में इन चीजों का दान करने से हर मनोकामना पूरी हो जाती है। जानिए नवरात्रि में किस तिथि को देवी को क्या भोग लगाएं-*

🙏🏻 *नवरात्रि के चौथे दिन यानी चतुर्थी तिथि को माता दुर्गा को मालपुआ का भोग लगाएं ।इससे समस्याओं का अंत होता है ।*

🌷 *चैत्र नवरात्रि* 🌷

🙏🏻 *चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा से नवमी तिथि तक वासंतिक नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इस बार वासंतिक नवरात्रि का प्रारंभ 18 मार्च, रविवार से हो गया है, धर्म ग्रंथों के अनुसार, नवरात्रि में हर तिथि पर माता के एक विशेष रूप का पूजन करने से भक्त की हर मनोकामना पूरी होती है। जानिए नवरात्रि में किस दिन देवी के कौन से स्वरूप की पूजा करें-*

🌷 *रोग, शोक दूर करती हैं मां कूष्मांडा* 🌷

*नवरात्रि की चतुर्थी तिथि की प्रमुख देवी मां कूष्मांडा हैं। देवी कूष्मांडा रोगों को तुरंत नष्ट करने वाली हैं। इनकी भक्ति करने वाले श्रद्धालु को धन-धान्य और संपदा के साथ-साथ अच्छा स्वास्थ्य भी प्राप्त होता है। मां दुर्गा के इस चतुर्थ रूप कूष्मांडा ने अपने उदर से अंड अर्थात ब्रह्मांड को उत्पन्न किया। इसी वजह से दुर्गा के इस स्वरूप का नाम कूष्मांडा पड़ा।*

🙏🏻 *मां कूष्मांडा के पूजन से हमारे शरीर का अनाहत चक्रजागृत होता है। इनकी उपासना से हमारे समस्त रोग व शोक दूर हो जाते हैं। साथ ही, भक्तों को आयु, यश, बल और आरोग्य के साथ-साथ सभी भौतिक और आध्यात्मिक सुख भी प्राप्त होते हैं।*

🌞 *~ Today Panchang ~* 🌞

Today Panchang,Jan 18,2018- Pandit Anand Sharma

~ *Today Panchang* ~
⛅ *दिनांक 19 जनवरी 2018*
⛅ *दिन – शुक्रवार*
⛅ *विक्रम संवत – 2074*
⛅ *शक संवत -1939*
⛅ *अयन – उत्तरायण*
⛅ *ऋतु – शिशिर*
⛅ *मास – माघ*
⛅ *पक्ष – शुक्ल*
⛅ *तिथि – द्वितीया दोपहर 12:22 तक तत्पश्चात तृतीया*
⛅ *नक्षत्र – धनिष्ठा 20 जनवरी रात्रि 03:28 तक तत्पश्चात शतभिषा*
⛅ *योग – सिद्धि सुबह 11:03 तक तत्पश्चात व्यतीपात*
⛅ *राहुकाल – सुबह 11:27 से दोपहर 12:49 तक*
⛅ *सूर्योदय – 07:19*
⛅ *सूर्यास्त – 18:19*
⛅ *दिशाशूल – पश्चिम दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण -*
💥 *विशेष – द्वितीया को बृहती (छोटा बैंगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*

🌷 *माघ शुक्ल तृतीया* 🌷
➡ *20 जनवरी 2018, माघ शुक्ल तृतीया, शतभिषा नक्षत्र है ।*
🙏🏻 *तृतीया तिथि को सार्वत्रिक रूप से गौरी की पूजा का निर्देश है, चाहे किसी भी मास की तृतीया तिथि हो। भविष्यपुराण के अनुसार माघ मास की शुक्ल तृतीया अन्य मासों की तृतीया से अधिक उत्तम है | माघ मास की तृतीया स्त्रियों को विशेष फल देती है | माघ मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया को सौभाग्य वृद्धिदायक गौरी तृतीया व्रत किया जाता है। भविष्यपुराण उत्तरपर्व में आज से शुरू होने वाले ललितातृतीया व्रत की विधि का वर्णन है जिसके करने से नारी को सौभाग्य, धन, सुख, पुत्र, रूप, लक्ष्मी, दीर्घायु तथा आरोग्य प्राप्त होता है और स्वर्ग की प्राप्ति होती है |*
🌷 *सौभाग्यं लभते येन धनं पुत्रान्पशून्सुखम् । नारी स्वर्गं शुभं रूपमारोग्यं श्रियमुत्तमाम् ।।*
🙏🏻 *भविष्यपुराण, ब्राह्मपर्व में भगवती गौरी ने धर्मराज से कहा :- माघ मास की तृतीया को गुड़ और लवण (नमक) का दान स्त्रियों एवं पुरुषों के लिए अत्यंत श्रेयस्कर है भगवन शंकर के प्रिये उस दिन मोदक एवं जल का दान करें .*
*माघमासे तृतीयायां गुडस्य लवणस्य च । दानं श्रेयस्करं राजन्स्त्रीणां च पुरुषस्य च ।।*
*तृतीयायां तु माघस्य वामदेवस्य प्रीतये । वारिदानं प्रशस्तं स्यान्मोदकानां च भारत ।।*
🙏🏻 *पद्मपुराण, सृष्टि खंड के अनुसार माघ मास के शुक्ल पक्ष तृतीया मन्वंतर तिथि है। उस दिन जो कुछ दान दिया जाता है उसका फल अक्षय बताया गया है।*
🙏🏻 *धर्मसिंधु के अनुसार माघ मास में ईंधन, कंबल, वस्त्र, जूता, तेल, रूई से भरी रजाई, सुवर्ण, अन्न आदि के दान का बड़ा भारी फल मिलता है।*
🙏🏻 *माघ में तिलों का दान जरूर जरूर करना चाहिए। विशेषतः तिलों से भरकर ताम्बे का पात्र दान देना चाहिए। विशिष्ट माघ में तिलदान ।*
🙏🏻 *अगर आप किसी रोग से पीड़ित हैं तो आज शतभिषा नक्षत्र होने के कारण चन्दन का दान करें। आपके रोग शांत होंगे।*

🌷 *व्यतीपात योग* 🌷
🙏🏻 *व्यतीपात योग की ऐसी महिमा है कि उस समय जप पाठ प्राणायम, माला से जप या मानसिक जप करने से भगवान की और विशेष कर भगवान सूर्यनारायण की प्रसन्नता प्राप्त होती है जप करने वालों को, व्यतीपात योग में जो कुछ भी किया जाता है उसका १ लाख गुना फल मिलता है।*
🙏🏻 *वाराह पुराण में ये बात आती है व्यतीपात योग की।*
🙏🏻 *व्यतीपात योग माने क्या कि देवताओं के गुरु बृहस्पति की धर्मपत्नी तारा पर चन्द्र देव की गलत नजर थी जिसके कारण सूर्य देव अप्रसन्न हुऐ नाराज हुऐ, उन्होनें चन्द्रदेव को समझाया पर चन्द्रदेव ने उनकी बात को अनसुना कर दिया तो सूर्य देव को दुःख हुआ कि मैने इनको सही बात बताई फिर भी ध्यान नहीं दिया और सूर्यदेव को अपने गुरुदेव की याद आई कि कैसा गुरुदेव के लिये आदर प्रेम श्रद्धा होना चाहिये पर इसको इतना नहीं थोडा भूल रहा है ये, सूर्यदेव को गुरुदेव की याद आई और आँखों से आँसू बहे वो समय व्यतीपात योग कहलाता है। और उस समय किया हुआ जप, सुमिरन, पाठ, प्रायाणाम, गुरुदर्शन की खूब महिमा बताई है वाराह पुराण में।*
💥 *विशेष ~ व्यतीपात योग – 19 जनवरी 2018 शुक्रवार को सुबह 11:04 से 20 जनवरी 2018 शनिवार को सुबह 11:20 तक व्यतीपात योग है।* 🙏 *🔱अमित शर्मा(पंडित)*

🌞 *~ Today Panchang ~* 🌞

Today Panchang,December 23, 2017 – Pandit Anand Sharma

🌞 ~ *Today Panchang*  ~ 🌞
⛅ *दिनांक 23 दिसम्बर 2017*
⛅ *दिन – शनिवार*
⛅ *विक्रम संवत – 2074*
⛅ *शक संवत -1939*
⛅ *अयन – दक्षिणायण*
⛅ *ऋतु – शिशिर*
⛅ *मास – पौष*
⛅ *पक्ष – शुक्ल*
⛅ *तिथि – पंचमी रात्रि 12:24 तक तत्पश्चात षष्ठी*
⛅ *नक्षत्र – धनिष्ठा शाम 09:43 तक तत्पश्चात शतभिषा*
⛅ *योग – वज्र पूर्ण रात्रि तक*
⛅ *राहुकाल – सुबह 09:57 से सुबह 11:17 तक*
⛅ *सूर्योदय – 07:13*
⛅ *सूर्यास्त – 18:02*
⛅ *दिशाशूल – पूर्व दिशा में*
 ⛅ *व्रत पर्व विवरण*
💥 *विशेष – पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *ब्रह्म पुराण’ के 118 वें अध्याय में शनिदेव कहते हैं- ‘मेरे दिन अर्थात् शनिवार को जो मनुष्य नियमित रूप से पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उनके सब कार्य सिद्ध होंगे तथा मुझसे उनको कोई पीड़ा नहीं होगी। जो शनिवार को प्रातःकाल उठकर पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उन्हें ग्रहजन्य पीड़ा नहीं होगी।’ (ब्रह्म पुराण’)*
💥 *शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष का दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए ‘ॐ नमः शिवाय।’ का 108 बार जप करने से दुःख, कठिनाई एवं ग्रहदोषों का प्रभाव शांत हो जाता है। (ब्रह्म पुराण’)*
💥 *हर शनिवार को पीपल की जड़ में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है ।(पद्म पुराण)*
💥 *नौकरी – व्यवसाय में सफलता, आर्थिक समृद्धि एवं कर्ज मुक्ति हेतु कारगर प्रयोग शनिवार के दिन पीपल में दूध, गुड, पानी मिलाकर चढायें एवं प्रार्थना करें – ‘हे प्रभु ! आपने गीता में कहा है कि वृक्षों में पीपल मैं  हूँ । हे भगवान ! मेरे जीवन में यह परेशानी है । आप कृपा करके मेरी यह परेशानी (परेशानी, दुःख का नाम लेकर ) दूर करने की कृपा करें । पीपल का स्पर्श करें व प्रदक्षिणा करें ।*
               🌞 *~ Today Panchang~* 🌞
🌷 *तुलसी पूजन विधि व तुलसी – नामाष्टक* 🌷
🌿 *तुलसी पूजन विधि* 🌿
🙏🏻 *२५ दिसम्बर को सुबह स्नानादि के बाद घर के स्वच्छ स्थान पर तुलसी के गमले को जमीन से कुछ ऊँचे स्थान पर रखें | उसमें यह मंत्र बोलते हुए जल चढायें :*
🌷  *महाप्रसाद जननी सर्वसौभाग्यवर्धिनी*
*आधि व्याधि हरा नित्यम् तुलसी त्वाम् नमोस्तुते*
🌿 *फिर ‘तुलस्यै नम:’ मंत्र बोलते हुए तिलक करें, अक्षत (चावल) व पुष्प अर्पित करें तथा वस्त्र व कुछ प्रसाद चढायें | दीपक जलाकर आरती करें और तुलसीजी की ७, ११, २१,५१ व १०८ परिक्रमा करें | उस शुद्ध वातावरण में शांत हो के भगवत्प्रार्थना एवं भगवन्नाम या गुरुमंत्र का जप करें | तुलसी के पास बैठकर प्राणायाम करने से बल, बुद्धि और ओज की वृद्धि होती है |*
🌿 *तुलसी – पत्ते डालकर प्रसाद वितरित करें | तुलसी के समीप रात्रि १२ बजे तक जागरण कर भजन, कीर्तन, सत्संग-श्रवण व जप करके भगवद-विश्रांति पायें | तुलसी – नामाष्टक का पाठ भी पुण्यदायक है | तुलसी – पूजन अपने नजदीकी आश्रम या तुलसी वन में अथवा यथा–अनुकूल किसी भी पवित्र स्थान में कर सकते हैं |*
🌷 *तुलसी – नामाष्टक* 🌷
*वृन्दां वृन्दावनीं विश्वपावनी विश्वपूजिताम् |*
*पुष्पसारां नन्दिनी च तुलसी कृष्णजीवनीम् ||*
*एतन्नामाष्टकं चैतत्स्तोत्रं नामार्थसंयुतम् |*
*य: पठेत्तां च संपूज्य सोऽश्वमेधफलं लभेत् ||*
🌿 *भगवान नारायण देवर्षि नारदजी से कहते हैं : “वृन्दा, वृन्दावनी, विश्वपावनी, विश्वपूजिता, पुष्पसारा, नंदिनी, तुलसी और कृष्णजीवनी – ये तुलसी देवी के आठ नाम हैं | यह सार्थक नामावली स्तोत्र के रूप में परिणत है |*
🌿 *जो पुरुष तुलसी की पूजा करके इस नामाष्टक का पाठ करता है, उसे अश्वमेध यज्ञ का फल प्राप्त होता है | ( ब्रह्मवैवर्त पुराण, प्रकृति खण्ड :२२.३२-३३)*
             🌞 *~ Today panchang ~* 🌞

Today Panchang December 14, 2017- Pandit Anand sharma

🌞 ~ *Today Panchang* ~ 🌞
⛅ *दिनांक 14 दिसम्बर 2017*
⛅ *दिन – गुरुवार*
⛅ *विक्रम संवत – 2074*
⛅ *शक संवत -1939*
⛅ *अयन – दक्षिणायण*
⛅ *ऋतु – हेमंत*
⛅ *गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार मास – मार्गशीर्ष*
⛅ *मास – पौष*
⛅ *पक्ष – कृष्ण*
⛅ *तिथि – द्वादशी 15 दिसम्बर, प्रातः 05:07 तक तत्पश्चात त्रयोदशी*
⛅ *नक्षत्र – स्वाती रात्रि 11:05 तक तत्पश्चात विशाखा*
⛅ *योग – अतिगण्ड रात्रि 01:15 तत्पश्चात सुकर्मा*
⛅ *राहुकाल – दोपहर 01:53 से शाम 03:14 तक*
⛅ *सूर्योदय – 07:08*
⛅ *सूर्यास्त – 17:57*
⛅ *दिशाशूल – दक्षिण दिशा में*
 ⛅ *व्रत पर्व विवरण*
💥 *विशेष – द्वादशी को पूतिका(पोई) अथवा त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *स्कंद पुराण के अनुसार रविवार और द्वादशी के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए। इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं।*
               🌞 *~ Today hindu Panchang ~* 🌞
🌷 *प्रदोष  व्रत* 🌷
➡ *15 दिसम्बर 2017 शुक्रवार को प्रदोष व्रत है ।*
🙏🏻 *यह एक पाक्षिक व्रत है अर्थात प्रत्येक महिने शुक्लपक्ष और कृष्णपक्ष की प्रदोषकालीन त्रयोदशी तिथि को व्रत रखते हैं।*
🙏🏻 *स्कंदपुराण के अनुसार*
 *त्रयोदश्यां तिथौ सायं प्रदोषः परिकीर्त्तितः । तत्र पूज्यो महादेवो नान्यो देवः फलार्थिभिः ।।*
*प्रदोषपूजामाहात्म्यं को नु वर्णयितुं क्षमः । यत्र सर्वेऽपि विबुधास्तिष्ठंति गिरिशांतिके ।।*
*प्रदोषसमये देवः कैलासे रजतालये । करोति नृत्यं विबुधैरभिष्टुतगुणोदयः ।।*
*अतः पूजा जपो होमस्तत्कथास्तद्गुणस्तवः । कर्त्तव्यो नियतं मर्त्यैश्चतुर्वर्गफला र्थिभिः ।।*
*दारिद्यतिमिरांधानां मर्त्यानां भवभीरुणाम् । भवसागरमग्नानां प्लवोऽयं पारदर्शनः ।।*
*दुःखशोकभयार्त्तानां क्लेशनिर्वाणमिच्छताम् । प्रदोषे पार्वतीशस्य पूजनं मंगलायनम् ।।*
🙏🏻 *जिसका सार है “त्रयोदशी तिथि में सायंकाल को प्रदोष कहा गया है। प्रदोष के समय महादेवजी कैलाशपर्वत के रजत भवन में नृत्य करते हैं और देवता उनके गुणों का स्तवन करते हैं। अतः धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की इच्छा रखने वाले पुरुषों को प्रदोष में नियमपूर्वक भगवान शिव की पूजा, होम, कथा और गुणगान करने चाहिए। दरिद्रता के तिमिर से अंधे और भक्तसागर में डूबे हुए संसार भय से भीरु मनुष्यों के लिए यह प्रदोषव्रत पार लगाने वाली नौका है। शिव-पार्वती की पूजा करने से मनुष्य दरिद्रता, मृत्यु-दुःख और पर्वत के समान भारी ऋण-भार को शीघ्र ही दूर करके सम्पत्तियों से पूजित होता है।”*
🌷 *प्रदोष व्रत विधि*
🙏🏻 *दोनों पक्षों की प्रदोषकालीन त्रयोदशी को मनुष्य निराहार रहे। निर्जल तथा निराहार व्रत सर्वोत्तम है परंतु अगर यह संभव न हो तो नक्तव्रत करे। पूरे दिन सामर्थ्यानुसार या तो कुछ न खाये या फल लें । अन्न पूरे दिन नहीं खाना। सूर्यास्त के कम से कम 72 मिनट बाद हविष्यान्न ग्रहण कर सकते हैं।*
👉🏻 *जिन नियमो का पालन इन व्रत में अवश्य करना होता है, वह हैं : अहिंसा, सत्य वाचन, ब्रह्मचर्य, दया, क्षमा, निंदा और इर्ष्या न करना ।*
👉🏻 *जितना संभव हो सके मौन धारण करें।*
👉🏻 *अगर संभव हो सके तो सूर्योदय से तीन घड़ी (अर्थात 72 मिनट) पूर्व स्नान कर लें । श्वेत वस्त्र धारण करें।*
👉🏻 *प्रदोषकाल में पूजा करें।*
👉🏻 *शिव पार्वती युगल दम्पति का ध्यान करके उनकी मानसिक पूजा करें ।*
👉🏻 *पूजा के आरम्भ में एकाग्रचित्त हो संकल्प पढ़ें । तदनन्तर हाथ जोड़कर मन-ही-मन उनका आह्वान करे-  “हे भगवान् शंकर ! आप ऋण, पातक, दुर्भाग्य और दरिद्रता आदि की निवृत्ति के लिये मुझ पर प्रसन्न हों।’ मैं दुःख और शोक की आग में जल रहा हूँ, संसार भय से पीड़ित हूँ, अनेक प्रकार के रोगों से व्याकुल  हूँ। वृषवाहन! मेरी रक्षा कीजिये। देवदेवेश्वर! सबको निर्भय कर देने वाले महादेव जी! आप यहाँ पधारिये और मेरी  की हुई इस पूजा को पार्वती के साथ ग्रहण कीजिये।”*
👉🏻 *पंचब्रह्म मंत्र  का पाठ करें ।*
👉🏻 *रुद्रसूक्त का पाठ करें।*
👉🏻 *पंचामृत से अभिषेक करें।*
👉🏻 *षोडशोपचार पूजा करें।*
👉🏻 *भगवान को साष्टांग प्रणाम करें।*
                     🌞 *~ Today Panchang ~* 🌞

Today Panchang 13 दिसम्बर 2017

🌞 ~ *Today Panchang* ~ 🌞
⛅ *दिनांक 13 दिसम्बर 2017*
⛅ *दिन – बुधवार*
⛅ *विक्रम संवत – 2074*
⛅ *शक संवत -1939*
⛅ *अयन – दक्षिणायण*
⛅ *ऋतु – हेमंत*
⛅ *गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार मास – मार्गशीर्ष*
⛅ *मास – पौष*
⛅ *पक्ष – कृष्ण*
⛅ *तिथि – एकादशी रात्रि 03:25 तक तत्पश्चात द्वादशी*
⛅ *नक्षत्र – चित्रा रात्रि 08:59 तक तत्पश्चात स्वाती*
⛅ *योग – शोभन रात्रि 01:07 तत्पश्चात अतिगण्ड*
⛅ *राहुकाल – दोपहर 12:32 से दोपहर 01:53 तक*
⛅ *सूर्योदय – 07:08*
⛅ *सूर्यास्त – 17:57*
⛅ *दिशाशूल – उत्तर दिशा में*
 ⛅ *व्रत पर्व विवरण – सफला एकादशी*
💥 *विशेष* – *हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है lराम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।*
💥 *आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l*
💥 *एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।*
💥 *एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।*
💥 *जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।*
               🌞 *~ Today Hindu Panchang~* 🌞
🌷 *कर्ज से मुक्ति* 🌷
💰 *कर्ज से शीघ्र मुक्ति पाने के लिए हर बुधवार के दिन वट वृक्ष के मूल में घी का दीप जला कर रख दें| इससे कर्जे से शीघ्र मुक्ति मिलेगी| और बुधवार के दिन खाने में मूँग या मूँग की दाल लें|*
 🙏🏻
                🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞
🌷 *गाँठे* 🌷
🔶 *शरीर में चर्बी की गाँठे बन गयी हों तो मूली का रस गाँठों पर खूब रगड़े | रस में नींबू व नमक मिलाकर पियें | गाँठे पिघल जायेंगी | मावा, मिठाई व मेवों का सेवन न करें |*
🙏🏻
                 🌞 *~Today Panchang ~* 🌞
🌷 *वास्तु दोष* 🌷
🏡 *जिनके घर का मुख दक्षिण में हो, वे अपने घर के दरवाजे के बाहर एक गमले में आम का पौधा लगायें और गुरुमंत्र का जप करें।*
🙏🏻
               *🌞 ~Today Panchang ~* 🌞