Aaj Ka Panchang 20 नवम्बर, 2017

Aaj Ka Panchang 20 नवम्बर, 2017

🌞 ~ *आज का  पंचांग* ~ 🌞
⛅ *आज का दिनांक 20 नवम्बर 2017*
⛅ *दिन – सोमवार*
⛅ *विक्रम संवत – 2074*
⛅ *शक संवत -1939*
⛅ *अयन – दक्षिणायण*
⛅ *ऋतु – हेमंत*
⛅ *मास – मार्गशीष*
⛅ *पक्ष – शुक्ल*
⛅ *तिथि – द्वितीया रात्रि  09:36 तक तत्पश्चात तृतीया*
⛅ *नक्षत्र – ज्येष्ठा रात्रि 12:48 तक तत्पश्चात मूल*
⛅ *योग – सुकर्मा रात्रि 10:32 तक तत्पश्चात धृति*
⛅ *राहुकाल – सुबह 08:18 से सुबह 09:40 तक*
⛅ *सूर्योदय – 06:53*
⛅ *सूर्यास्त – 17:54*
⛅ *दिशाशूल – पूर्व दिशा में*
 ⛅ *व्रत पर्व विवरण – चन्द्रदर्शन*
💥 *विशेष – द्वितीया को बृहती (छोटा   गन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
           🌞 *~ पंचांग ~* 🌞
🌷 *पेट के रोगों में लाभदायी व बल – वीर्यवर्धक मिश्रण*
👉🏻 *घी में भुनी हुई छोटी हरड का चूर्ण १०० ग्राम, घी में भुनी ५० ग्राम सौंफ व ५० ग्राम कच्ची सौंफ लेकर सभीको मिला लें | अब इसमें ४०० ग्राम बूरा व २०० ग्राम शुद्ध घी मिलायें | इस मिश्रण को काँच के बर्तन में भर लें |*
👉🏻 *२ – २ चम्मच चूर्ण सुबह – शाम गर्म दूध के साथ लें | २ घंटे पूर्व व बाद तक कुछ न खायें | इसे १५ दिन तक लेने से पेट की शुद्धि होती है | पुराने कब्ज में भी लाभ होता है | आँतों को बल मिलता है, जिससे भोजन का सम्यक पाचन होने में मदद मिलती है | यह बल, वीर्य व नेत्रज्योति वर्धक तथा ह्रदय को बल देनेवाला है |*
🙏🏻 *स्त्रोत – लोककल्याण सेतु – नवम्बर २०१६ से*
             🌞 *~ पंचांग ~* 🌞
🌷 *वास्तु शास्त्र* 🌷
🙏🏻 *वास्तु के जरिए अपनी सभी समस्याओं को दूर किया जा सकता हैं फिर चाहे वह निजी जीवन से जुड़ी हों या प्रोफेशन लाइफ से,यहां तक कि वास्तु के जरिए अपने रिश्तों को भी सुधार जा सकता है। अगर आपके घर में आए दिन लड़ाई-झगड़े होते रहते है, या पिता और पुत्र के बीच हमेशा मन-मुटाव बना रहता है तो इन 7 बातों का ध्यान रखने से यह परिस्थिति बदली जा सकती है।*
🏡 *1.घर का ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्वी कोना खंडित होने से पिता-पुत्र में आपसी मामलों को लेकर हमेशा झगड़े होते हैं। इसलिए घर के उत्तर-पूर्वी कोने को हमेशा ठीक रखना चाहिए।*
🏡 *2. घर की उत्तर-पूर्व दिशा में कूड़ेदान बनाने या कूड़ा रखने से भी घर के लोगों में मन-मुटाव और जलन आदि भावना रखते हैं। इस दिशा में कूड़ादान भूलकर भी नहीं रखना चाहिए।*
🏡 *3. इलेक्ट्रॉनिक सामान, ज्वलनशील पदार्थ या गर्मी उत्पन्न करने वाले अन्य उपकरणों को ईशान (उत्तर-पूर्व) में रखने से पुत्र पिता की आज्ञा नहीं मानता है और घर-परिवार को अपमानित करता है। घर की उत्तर-पूर्वी दिशा में इन चीजों को नहीं रखना चाहिए।*
🏡 *4. घर में होने वाले झगड़ों से छुटकारा पाने के लिए घर को साफ रखें। वास्तु की दृष्टि से घर के उत्तर-पूर्व दिशा को साफ-सुथरा रखना बहुत जरुरी माना जाता है। ऐसा करने से घर में सुख-शांति बढ़ती है।*
🏡 *5. उत्तर-पूर्व दिशा में रसोई घर या शौचालय का होना भी घर के लोगों के संबंधों को प्रभावित करता है। साथ ही स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बनी रहती है। घर की उत्तर-पूर्व दिशा में रसोई घर या शौचालय नहीं होना चाहिए।*
🏡 *6. ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में स्टोर रूम, टीले या पर्वत के समान आकृति के निर्माण से भी पिता-पुत्र के संबंधों में परेशानियां आती हैं और दोनों में अविश्वास बना रहता है। घर के उत्तर-पूर्वी कोने में स्टोर रूम आदि नहीं बनवाना चाहिए।*
🏡 *7. यदि कोई प्लाट उत्तर व दक्षिण में संकरा तथा पूर्व व पश्चिम में लंबा है तो ऐसी जगह को सूर्यभेदी कहते हैं, ऐसी जगह पर पिता-पुत्र के संबंधों में अनबन की स्थिति सदैव रहती है। ऐसी जगह पर कभी घर नहीं बनाना चाहिए।*
             🌞 *~ आज का  पंचांग ~* 🌞
Today Panchang

Today Panchang

🌞 ~ *आज का पंचांग* ~ 🌞
⛅ *दिनांक 19 नवम्बर 2017*
⛅ *दिन – रविवार*
⛅ *विक्रम संवत – 2074*
⛅ *शक संवत -1939*
⛅ *अयन – दक्षिणायण*
⛅ *ऋतु – हेमंत*
⛅ *मास – मार्गशीष*
⛅ *पक्ष – शुक्ल*
⛅ *तिथि – प्रतिपदा शाम 07:14 तक तत्पश्चात द्वितीया*
⛅ *नक्षत्र – अनुराधा रात्रि 09:58 तक तत्पश्चात ज्येष्ठा*
⛅ *योग – अतिगण्ड रात्रि 09:48 तक तत्पश्चात सुकर्मा*
⛅ *राहुकाल – शाम 04:30 से शाम 05:52 तक*
⛅ *सूर्योदय – 06:51*
⛅ *सूर्यास्त – 17:55*
⛅ *दिशाशूल – पश्चिम दिशा में*
 ⛅ *व्रत पर्व विवरण*
💥 *विशेष – प्रतिपदा को कूष्माण्ड(कुम्हड़ा, पेठा) न खाये, क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *रविवार के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
💥 *रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75.90)*
💥 *रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75)*
💥 *स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए। इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं।*
           🌞 *~ आज का पंचांग ~* 🌞
🌷 *पितृ दोष हो तो* 🌷
👳🏼 *जो लोग पितृ दोष से पीड़ित हैं उनके लिए लिंग पुराण में बताया कि मार्गशीर्ष मास शुक्ल द्वितीया ( जो इस साल 19 नवम्बर 2017 रविवार को शाम 07:15 से 20 नवम्बर 2017 सोमवार को रात्रि 09:36 तक) पितृ पूजन का विधान है …. पितृ के लिए गीता का ७ वां अध्याय पढ़ें …लोटा जल भर के रखें …. पाठ हो जाए तो सूर्य नारायण को वो जल चढा दें और बोलें — हमारे घर में जो कोई पहले गुजर गए हैं उनके लिए हम आज का गीता पाठ का पुण्य अर्पण करते हैं …. उनकी सदगति हो ….दिव्य गति हो ….और हमारे घर में सुख शांति बढ़े ।*
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           🌞 *~ आज का पंचांग ~* 🌞
🌷 *नारी कल्याण पाक* 🌷
👩🏻 *यह पाक युवतियों, गर्भिणी, नवप्रसूता माताएँ तथा महिलाएँ – सभी के लिए लाभदायी है |*
➡ *लाभ : यह बल व रक्तवर्धक, प्रजनन – अंगों को सशक्त बनानेवाला, गर्भपोषक, गर्भस्थापक (गर्भ को स्थिर – पुष्ट करनेवाला), श्रमहारक (श्रम से होनेवाली थकावट को मिटानेवाला) व उत्तम पित्तनाशक है | एक – दो माह तक इसका सेवन करने से श्वेतप्रदर (ल्यूकोरिया, अत्यधिक मासिक रक्तस्राव व उसके कारण होनेवाले कमरदर्द, रक्त की कमी, कमजोरी , निस्तेजता आदि दूर होकर शक्ति व स्फूर्ति आती है | जिन माताओं को बार-बार गर्भपात होता हो उनके लिए यह विशेष हितकर है | सगर्भावस्था में छठे महीने से पाक का सेवन शुरू करने से बालक हृष्ट-पुष्ट होता है, दूध भी खुलकर आटा है |*
💪🏻 *धातु की दुर्बलता में पुरुष भी इसका उपयोग कर सकते है |*
👉🏻 *सामग्री : सिंघाड़े का आटा, गेंहू का आटा व देशी घी प्रत्येक २५० ग्राम, खजूर १०० ग्राम, बबूल का पिसा हुआ गोंद १०० ग्राम, पिसी मिश्री ५०० ग्राम |*
➡ *विधि : घी को गर्म कर गोंद को घी में भुन लें | फिर उसमें सिंघाड़े व गेंहू का आटा मिलाकर धीमी आँच पर सेंके | जब मंद सुगंध आने लगे तब पिसा हुआ खजूर व मिश्री मिला दे | पाक बनने पर थाली में फैलाकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर रखें |*
🍜 *सेवन-विधि : २ टुकड़े ( लगभग २० ग्राम ) सुबह शाम खायें | ऊपर से दूध पी सकते हैं |*
💥 *सावधानी : खट्टे, मिर्च-मसालेदार व तेल में तले हुए तथा ब्रेड-बिस्कुट आदि बासी पदार्थ न खाये |*
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             🌞 *~ आज का पंचांग ~* 🌞
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